हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष में 12 महीने होते हैं। प्रत्येक माह का अपना धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व है। आइए जानते हैं इन महीनों के नाम, दिनों की संख्या और उनकी विशेषताएं।
हिंदू कैलेंडर के 12 महीनों के नाम
1. चैत्र (30 दिन)
हिंदू नववर्ष का आरंभ चैत्र मास से माना जाता है। इसी माह में चैत्र नवरात्रि और राम नवमी जैसे महत्वपूर्ण पर्व आते हैं।
2. वैशाख (31 दिन)
वैशाख मास को दान, स्नान और पुण्य कर्मों के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। अक्षय तृतीया का पर्व इसी महीने में आता है।
3. ज्येष्ठ (31 दिन)
यह वर्ष का सबसे गर्म महीना माना जाता है। इस माह में गंगा दशहरा और निर्जला एकादशी का विशेष महत्व है।
4. आषाढ़ (31 दिन)
आषाढ़ मास से वर्षा ऋतु का आरंभ होता है। भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा और गुरु पूर्णिमा इसी माह में मनाई जाती है।
5. श्रावण (31 दिन)
भगवान शिव की आराधना के लिए यह सबसे पवित्र महीना माना जाता है। सावन सोमवार व्रत और कांवड़ यात्रा इसी महीने में होती है।
6. भाद्रपद (31 दिन)
भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी जैसे प्रमुख पर्व इस माह में मनाए जाते हैं।
7. आश्विन (30 दिन)
इस माह में शारदीय नवरात्रि, दुर्गा पूजा और विजयादशमी (दशहरा) का उत्सव मनाया जाता है।
8. कार्तिक (30 दिन)
कार्तिक मास को सबसे पुण्यदायी महीनों में से एक माना गया है। दीपावली, गोवर्धन पूजा और देवउठनी एकादशी इसी माह में आते हैं।
9. मार्गशीर्ष (30 दिन)
भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में इस माह को अपना स्वरूप बताया है। यह माह भक्ति और साधना के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
10. पौष (30 दिन)
यह शीत ऋतु का प्रमुख महीना है। इस समय धार्मिक अनुष्ठानों और तपस्या का विशेष महत्व बताया गया है।
11. माघ (30 दिन)
माघ स्नान, दान और जप-तप के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। माघ पूर्णिमा का विशेष धार्मिक महत्व है।
12. फाल्गुन (30 दिन)
फाल्गुन माह आनंद और उत्सव का प्रतीक है। होली और फाल्गुन पूर्णिमा इसी माह में मनाई जाती हैं।
इन 12 महीनों के आधार पर हिंदू पंचांग के सभी प्रमुख व्रत, पर्व और धार्मिक अनुष्ठान निर्धारित किए जाते हैं।